सर्व सेवा संघ का 89वां अधिवेशन प्रारम्भ

0 0
Read Time:7 Minute, 10 Second
  • हमारी बुनियाद में सत्य, अहिंसा और जनता के प्रति प्रतिबद्धता है

  • लोकतंत्र को फासीवाद में बदलने से रोकना है : रामचंद्र राही

नई दिल्ली। सर्व सेवा संघ का 89 वां अधिवेशन 17 जुलाई को सूरत के दादा भगवान मंदिर परिसर में प्रारम्भ हुआ। शुरुआत में सर्व सेवा ढंग के अध्यक्ष चंदन पाल, महामंत्री गौरांग महापात्र, मंत्री अरविंद कुशवाहा तथा केंद्रीय गांधी स्मारक निधि के अध्यक्ष रामचन्द्र रही ने गांधी विनोबा व जयप्रकाश नारायण के चित्रों पर फूल माला अर्पित की तथा तुलसी के पौधे को जलांजलि देकर विधिवत अधिवेशन का प्रथम सत्रारम्भ हुआ। परंपरा के मुताबिक पिछले अधिवेशन के बाद जो साथी नहीं रहे, उनके सम्मान में पूरे सदन ने खड़े होकर दो मिनट मौन रहकर सामूहिक श्रद्धांजलि अर्पित की। अधिवेशन का उद्घाटन करते हुए वरिष्ठ गांधीवादी नेता रामचन्द्र राही ने कहा कि 1952 में भूदान शुरू हुआ और उसी समय पंचवर्षीय योजना भी प्रारंभ हुई। 1956 में धीरेन मजूमदार के संपर्क में आया। नई तालीम और नए समाज रचना की सशक्त भूमिका बन रही थी। सर्वोदय संयोजन का खाका तैयार किया गया था। शंकरराव देव इस समिति के अध्यक्ष तथा रविन्द्र वर्मा ड्राफ्ट लेखक थे।SSS उस वक्त अत्यंत गहराई से राष्ट्र निर्माण के मुद्दे पर सक्रिय थी।

विनोबा ने कहा है कि हर प्रकार की राज्य व्यवस्था की बुनियाद में हिंसा व्याप्त है। भूदान अहिंसक समाज निर्माण का उद्दम था।लोकतंत्र तो तब सफल होगा जब लोक की चेतना प्रबल होगी और उसमें व्यवस्था को नियंत्रित करने का सामर्थ्य भी विकसित होगा। गांधी जी ने नैतिक शक्ति को जागृत कर स्वतंत्रता को मुकाम पर पहुंचाया था। परंतु आज भी नैतिकता और क्रूरता के बीच संघर्ष जारी है। गांधी जी ने कहा था कि सैन्यशक्ति पर लोकशक्ति की विजय से ही लोकतंत्र की स्थापना होगी। आज़ादी के तुरंत बाद क चुनाव में राजा हार गए और रंक जीत गया। हर गांव में लोकसेवक हो जो लोकतंत्र को सक्रिय और जागृत करेगा। SSS का उत्तरदायित्व अहिंसा, सत्य और जनता के प्रति है। लोकसेवक कोई बनाता नहीं है, स्वयं बनता है। लोकसेवक साधक होता है।जबसे हमने दूसरे को नापना शुरू किया है तभी से विचलन नजर आया है। रंक को मजबूत बनाने के सारे सरंजाम को कमजोर किया जा रहा है। गांधी स्मृति और दर्शन समिति ने अपनी अन्तिम जन में पत्रिका में सावरकर विशेषांक ने निकालकर संस्था को दूषित किया है। जो सावरकर को मानते हैं वे उनके के पक्ष में स्वतंत्र रूप से भूमिका लें, गांधी की आड़ लेकर सावरकर को महिमामंडित न करें।

लोकतंत्र को फासीवाद में बदलने नहीं देना है। जनता को निरीह और भीखमंगा नहीं बनने देना है। आत्मसम्मान से भरपूर जागरूक जनमत का निर्माण करने का लक्ष्य हमारे सामने है। इससे पहले देश बीयर से आये अतिथियों और अभ्यागतों का स्वागत करते हुए सामाजिक चिंतक प्रकाश भाई शाह ने कहा किसरदार पटेल को बड़ा दिखाने के लिए एक बड़ी प्रतिमा स्थापित कर दिया गया। पर सवाल प्रतिमा का नहीं प्रतिभा का है। जो प्रयोगवीर होते हैं वे सफल या असफल हो सजते हैं। पर हर प्रयोग कुछ न कुछ सबक दे जाता है और आप चंद कदम आगे बढ़ते हैं।राष्ट्र को परिपक्व होने की कीमत चुकानी पड़ती है। प्रयोगों से किसी को लाभ मिलता है तो किसी को अनुभव मिलता है। आज का दौर विलक्षण है। मो जुबेर, तीस्ता सीतलवाड़, हिमांशु कुमार, मेधा पाटकर एक सचेत नागरिक की भूमिका अदा कर रही थी लेकिन अब वे राष्ट्रद्रोही, राजद्रोही बन गए हैं।

व्हिसल ब्लोअर अपराधी बताए जा रहे हैं। राज्य प्रतिष्ठान एक विकृति को स्थापित करना चाहता है। गांधी ने जलते हुए महल में रहकर उसकी आग बुझाने का हुनर हमे सिखाया है। इसी दुनिया मे रहना है उसे गढ़ना है।विनोबा,जेपी ने किया है। इसी सत्र में सर्व सेवा द्वारा वर्ष 2021 के लिए प्रसिद्ध सर्वोदयी सामाजिक कार्यकर्ता कुसुम बोरा मोकाशी को अहिंसक समाज रचना में उल्लेखनीय योगदान के प्रति आभार प्रकट करते हुए उन्हें गांधी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्हें एक लाख रु की राशि भी दी गई। इस अवसर पर पुरस्कार के प्रेरक गांधीवादी मदन मोहन वर्मा ने कहा की बुद्ध और गांधी भारत की आत्मा है। इन्हें मारने की कोशिशें हो रही है। अगर ऐसा हुआ तो देश मर जाएगा। मदन मोहन वर्मा गांधी विचार प्रचार के लिए अबतक गांधी जी की 40 हजार पुस्तकों का निशुल्क वितरण किया है। मोकाशी ने कहा कि साधनों के संग्रह से सुख मिल सकता है, खुशी नही। समाज में शांति स्थापना हमारा परम लक्ष्य है। सर्व सेवा संघ के अध्यक्ष श्री चंदन पाल ने अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का दावा करते हुए परिहास चल रहा है। मेधा पाटकर, हिमांशु कुमार, मो जुबैर, तीस्ता सीतलवाड़ इसी प्रहसन के ताजा शिकार बने हैं। हम लोकतंत्र पर आए संकट को मौन रहकर देख नहीं सकते।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

Blog ज्योतिष

साप्ताहिक राशिफल : 14 जुलाई दिन रविवार से 20 जुलाई दिन शनिवार तक

आचार्य पंडित शरद चंद्र मिश्र अध्यक्ष – रीलीजीयस स्कॉलर्स वेलफेयर सोसायटी सप्ताह के प्रथम दिन की ग्रह स्थिति – सूर्य मिथुन राशि पर, चंद्रमा तुला राशि पर, मंगल और गुरु वृषभ राशि पर, बुध और शुक्र, कर्क राशि पर, शनि कुंभ राशि पर, राहु मीन राशि पर और केतु कन्या राशि पर संचरण कर रहे […]

Read More
Blog national

तीन दिवसीय राष्ट्रीय पर्यावरण संगोष्टी सम्पन्न

द्वितीय राष्ट्रीय वृक्ष निधि सम्मान -२०२४ हुए वितरित किया गया ११००० पौधों का भी वितरण और वृक्षारोपण महाराष्ट्र। महाराष्ट्र के धाराशिव ज़िले की तुलजापुर तहसील के गंधोरा गाँव स्थित श्री भवानी योगक्षेत्रम् परिसर में विगत दिनों तीन दिवसीय राष्ट्रीय पर्यावरण संगोष्टी का आयोजन किया गया। श्री भवानी योगक्षेत्रम् के संचालक गौसेवक एवं पर्यावरण संरक्षक योगाचार्य […]

Read More
Blog uttar pardesh

सनातन धर्म-संस्कृति पर चोट करते ‘स्वयंभू भगवान’

दृश्य 1 : “वो परमात्मा हैं।” किसने कहा ? “किसने कहा का क्या मतलब..! उन्होंने ख़ुद कहा है वो परमात्मा हैं।” मैं समझा नहीं, ज़रा साफ कीजिये किस परमात्मा ने ख़ुद कहा ? “वही परमात्मा जिन्हें हम भगवान मानते हैं।” अच्छा आप सूरजपाल सिंह उर्फ़ भोलेबाबा की बात कर रहे हैं। “अरे..! आपको पता नहीं […]

Read More
error: Content is protected !!