हाजी अजहर इंटर कॉलेज के वार्षिकोत्सव में बच्चों ने बिखेरे अपनी प्रतिभा के इंद्रधनुषी रंग

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विवेकानंद त्रिपाठी

महाराजगंज (एनआईआई ब्यूरो)। वार्षिकोत्सव किसी भी शैक्षणिक संस्थान के सर्वांगीण व्यक्तित्व का आइना होते हैं उसका रिपोर्ट कार्ड होते हैं। इस अवसर पर बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक गतिविधियां संस्थान के बहुआयामी विजन, उसके मिशन उसके प्रति जुनून और समर्पण को दर्शाती हैं। महाराजगंज जिले के गवई परिवेश के विद्यालय हाजी अजहर इंटर कॉलेज में 19 मार्च को आयोजित वार्षिकोत्सव में वो सारी खूबियां नजर आईं जो किसी शैक्षणिक संस्थान को अग्रणी बनाती हैं। संस्थान के प्रबंधन ने इस अवसर के लिए जिसे अपना मुख्य अतिथि चुना था वह ऐसा व्यक्तित्व है जिसके संघर्षों की दास्तान सदियों तक लोगों को प्रेरित करती रहेंगी। इस आयोजन के मुख्य अतिथि श्रीनारायण यादव की उपस्थिति ने आयोजन में चार चांद लगा दिए।

श्रीनारायण यादव के बारे में बताए बिना इस आयोजन का रंग फीका हो जायेगा। श्रीनारायण की कुदरत ने बचपन में दोनो हाथ छीन लिए और संघर्षों अपमानों के अंतहीन से लगने वाले भवर में ढकेल दिया। ये ऐसी भवर थी जहां उन्हें अपनो ने हौसला देने के बजाय किनारा कर लिया। मगर श्रीनारायण ने बिना हाथों के वह सब कर के दिखा दिया जिसे हाथ वाले देखकर हैरत में होते हैं।

मुख्य अतिथि श्रीनारायण यादव को सम्मानित करते कॉलेज प्रबंधक मो सलीम खान।

आज आलम यह है कि श्रीनारायण यादव अपने जैसे हजारों लोगों के लिए उम्मीद की रोशनी बन गए हैं। उनके बारे में राहत इंदौरी का यह शेर बहुत मौजू है। इसे थोड़े से परिवर्तन के साथ यूं देखिए –

तूफानों से आंख मिलाया, सैलाबो पर वार किया, मल्लाहों की आशा छोड़ी तैर के दरिया पार किया।

मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलित करते मुख्य अतिथि और अन्य विशिष्ट अतिथि।

श्रीनारायण अदम्य जिजीविषा और जीवट के हिमालय हैं। उनके इरादों के आगे मुसीबतें अब खुद घुटने टेक देती हैं। वार्षिकोत्सव का शुभारंभ ऐसे व्यक्तित्व के धनी श्रीनारायण यादव के हाथों मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।

हाजी अजहर इंटर कॉलेज के बच्चे सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते हुए।

इस अवसर पर NGIT प्रयागराज के डायरेक्टर जावेद सिद्दीकी और CRC लखनऊ के प्रभारी नागेश पांडेय विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित थे। महाराजगंज के एडीम पंकज वर्मा, सदर एस डी एम मो जसीम ने भी अपनी उपस्थिति से आयोजन को गरिमा प्रदान की और छात्र छात्राओं को अपने सपने साकार करने के लिए सारगर्भित मशविरा दिया।

राधा कृष्ण के रास की मोहक प्रस्तुति करती छात्राएं।

इस अवसर पर कॉलेज के छात्र छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी वह कॉलेज के युवा प्रबंधक मोहम्मद सलीम खान के शिक्षा के प्रति गंभीरता और भीड़ से अलग कुछ कर गुजरने के जज्बे का जीवंत प्रमाण है। वह युवा होने के साथ बेहद सुलझे हुए समझदार और संस्कारी हैं। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्र के उन शिक्षको को सम्मानित किया जो अपने समय के आदर्श शिक्षक रहे हैं और जिंदगी की संध्या बेला में पहुंच कर भी संस्था के बेहतर पठन पाठन में अपना योगदान दे रहे हैं। सलीम खान ने इन बुजुर्ग शिक्षकों को बहुमूल्य धरोहर की तरह संजो कर रखा है ताकि उनकी अनुभवी छांव में कॉलेज की चतुर्दिक प्रगति होती रहे।

कॉलेज की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत कजली गीत और नृत्य।

अनुपम प्रस्तुति : 

वार्षिकोत्सव समारोह में बच्चों ने अनुपम प्रस्तुति देकर अपनी प्रतिभा के इंद्रधनुषी रंग बिखेरे। उन्होंने यह साबित कर दिया कि ग्रामीण परिवेश और अभावों में पलने बढ़ने के बाद भी कॉरपोरेट विद्यालयों के बच्चों से कहीं भी कमतर नहीं हैं। उनका कार्यक्रम इतना मोहक, शिक्षाप्रद और मनोरंजक था कि शाम ढलने तक दर्शक पूरे उत्साह से विद्यालय प्रांगण में जमे रहे।

इस अवसर पर उपस्थित शहर के गणमान्य लोगों में विशिष्ट अतिथि डाक्टर हेमन्त श्रीवास्तव, प्रधान संघ जिलाध्यक्ष एजाज खान, समाजसेवी गौरव श्रीवास्तव, डॉक्टर शहबाज सिद्दीकी कुमार देवेश और जावेद खान ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित किया। साथ ही प्रबंधक ने सभी अतिथियों को अंग वस्त्र व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया।

अपने उद्बोधन मे एडीम पंकज वर्मा ने विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि बच्चों को अच्छा नागरिक बनाने में माता-पिता के बाद शिक्षण संस्थानों का अहम योगदान होता है। शिक्षकों को बच्चों को संस्कारवान बनाने के लिए गुणवत्ता पूर्वक शिक्षा देनी चाहिए।

वही एसडीएम मो जसीम ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ छात्रों के कौशल विकास के लिए इस तरह की सांस्कृतिक गतिविधियां समय-समय पर होती रहनी चाहिए। छात्रों को अपने जीवन में उच्च लक्ष्य निर्धारित करते हुए उस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए कड़ी मेहनत आवश्यक है।

डॉ हेमंत श्रीवास्तव ने कहा कि कठिन परिश्रम ही सफलता की कुंजी है। इस अवसर पर, गूंजा, सगुन, अमृता स्मिता, अनामिका और निधि ने सरस्वती वंदना और दिव्या अनुराधा शालिनी आरती और प्रियंका ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर सबका मनमोह लिया। वही सोशल मीडिया फेसबुक इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के दुष्प्रभावों पर लघु नाटिका का मंचन कर यासमीन अंशु दिव्या शिवांगी प्रियंका शालिनी अनुराधा रंजनी और उनकी सहेलियों ने खूब तालियां बटोरी।

युवा समाजसेवी प्रबंधक सलीम खान ने आए हुए सभी अतिथियों के प्रति आभार ज्ञापित करते हुए कहा कि संस्था छात्र छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयत्नशील है। संस्था में बच्चों को शिक्षा का एक बेहतर माहौल दिया जा रहा है। आगामी सत्र में संस्था को पूरी तरह से डिजिटल बनाकर शहरों जैसी शिक्षा दी जाएगी जिसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र के छात्र छात्राएं लाभान्वित होंगे।

कार्यक्रम का कुशल संचालन मोहम्मद समीर ने किया इस दौरान विद्यालय के समस्त अध्यापक अध्यापिकाओं सहित छात्र-छात्राएं व क्षेत्र के सम्मानित लोग भी मौजूद रहे।

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